Remedies for Saturn
VibhutiGanesh


If you know astrology :                
Have a look at your horoscope. If you have Saturn in following condition, you need to perform remedies :-
(1)  If you are born with Cancer, Virgo or Pisece as your ascendant, Saturn becomes functional malefic
 
(2)  If you are born with Cancer ascendant and if Saturn is placed in 8th house.
(3)  if Saturn is placed in Aries sign - its debilitated sign.
(4)  If Rahu or Ketu occupies either Capricorn or Aquarius sign.
(5)  If Saturn is in conjunction with Rahu or Ketu. 

  
If you don't know astrology :      
You need to check if following is true about you:-
 (1)  You are considered born miser.
 
 (2)  You have worrying tendency.
 (3)  If you are denied benefits  of insurance claims or inherittance.
 (4)  If your appear rather more than your age.
 (5)  If your have severe knee pain
 (6)  If you remain frustrated more of the time.
 
 (7)  If you have Squint Eyes
 (8)  If you occassionaly have severe headaches. 
 
Remedies for  Saturn                
  
(a) Develop philosophical attitude,  moral values and ethics.
(b) Respect Monks, Beggers, Old and Crippled, Poor and Orphans
 
(c) Shift your kitchen in Eastern part of the house.
 
(d) Recite Shanaiswar Stotram. 
 
(e) Avoid speculations and addictions.
 
(f) Appreciate the power of Time and the fact that the world wont function to your sweet wishes.
 
(g) If you have no cholestral problems, take a spoonfull of raw vegetable oil in your meals.
 
(h) Delution of Personal Ego should be your life long Goal.
 
When to perform                              remedies Saturn?                      
 
Well, if you have identified the need for performing remedies for Saturn on the basis of your horoscope, the best time for performing it would be during operation of Saturn dasha, antardasha, pratyantar or during its Gochar/Transit over the house signifying the problems you are experiencing. Every year around the date of your birth; the Saturn pass on the house in which it is placed in your birth chart.
 
For those who have identified the need on the basis of symptoms/problems they face in life, remedies for Saturn should be performed during currency of problems.
 
 
अगर आप ज्योतिष नहीं जानते :              
आप ज्योतिष नहीं जानते फिर भी कैसे मालुम करे की आपको शनि के दु:प्रभाव से बचने के उपाय जरुरी है ?
आप को जाँचना होगा - क्या आप के बारे में निन्मलिखित बाते लागू होती है ?
 
(1)  आपको लोग जन्म-जात कंजूस मानते हो
 
(2)  आप अक्सर चिन्तामे डूबे रहते है
 
(3)  आपको विल-वारसाईं के लाभ की प्राप्ति या बीमा के क्लेम में अन्याय हुआ
 
(4)  आप अपनी सही उम्र से ज्यादा बूढ़े दीखते है
 
(5)  आपको घुटनों में तीव्र दर्द होता है
 
(6)  ज्यादातर समय आप हतोत्साहित रहते है
 
(7)  अगर आपको हजामत - शेव करनेमें आलस रहती है
 
(8)  अगर आपकी आँखे तिरछी है
 
(9)  अगर आपकी बातों को लोग नजर अंदाज करते रहते हो और इस वजहसे आपको अपमान  महसूस होता है
 
शनि के उपाय                                
(a) जीवन के प्रति फिलासॉफिकल दृष्टि रखे  - जीवन मुल्यो व् नीतिमत्ता की रक्षा करे
 (b) साधू-संत, भिक्षुक, वृद्ध, अनाथ, दीन  व् अपाहिजों  की अवहेलना कभी न करे अपितु सेवा करें
 
(c) आपके घरका रसोई अगर अन्य दिशामे हो तो इसे पूर्वमे ले जाए 
 
(d) शानिश्वर स्तोत्र का पठन करे  
 
(e) व्यसन व् शेर-सट्टे से दूर रहे
 
(f) वक्त की ताकत को समजे और पुरी तरह मानले की दुनिया हरदम आपके इशारे पर ही नहीं चल सकती
 
(g) आपको कोलेस्ट्राल की समस्या न हो तो भोजन के ठीक पहले सब्जी के ऊपर एक चमच खाने का कच्चा तेल जरुर मिलाये
 
(h) अपने आपमें झांके और गर्व व् आत्म-सम्मान की मात्र कम से कम हो ऐसा व्यवहार बनाये .
 
कब करने होंगे शनि के उपाय ?           
 
अब अगर आपने ज्योतिष के द्वारा पता लगाया हो की आपको शनि के उपाय करने जरुरी है तो जब शनि की दशा-अंतर दशा चलती हो या जब शनि की साडेसाती लगी हो, गोचर र्मे  शनि आपके जन्म राशि को प्रभावित कर रहा हो तब शनि के उपाय करने चाहिए|
 
अब अगर आपने जीवन परिस्थिति के द्वारा पता लगाया हो की आपको शनि के उपाय करने जरुरी है तो जब वे लक्षण की अनुभूति हो रही हो उसी समय अवधि में शनि के उपाय करने चाहिए|
 
दशा-अंतर्दशा में भी तकलीफ के लक्षण दिखाई देते हो तब ही समजना होगा की शनि आपके लिए विपरीत फल देनेवाला बना है और तभी शनि के उपाय करने होंगे अन्यथा सिर्फ शनि की दशा वि से गभाराने की जरुरत नही है |