मंगल दोष - उपचार
VibhutiGanesh




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अगर कुण्डली में मंगल दोष हो तो व्रत और अनुष्ठान द्वारा इसका उपचार किया जा सकता है |
 
मंगल दोष को सौभाग्य सुख की न्यूनता करने वाला माना जाता है इसी लिए सौभाग्य प्रदान करने वाले व्रत -  मंगला गौरी और वट सावित्री का व्रत करना लाभदायी होगा |
 
मंगल दोष के परिहार हेतु मंगली कन्या को उपरोक्त व्रत का अनुष्ठान श्रद्धा और विधि विधानसे करना चाहिए | इसके अतिरिक्त  घट से,  पीपल के वृक्ष से अथवा विष्णु प्रतिमा से विवाह करने का विधान भी है |

मंगल दोष वाले युवक के लिए मंगल दोष के परिहार के लिए मंगलवार के दिन व्रत रखकर सिन्दूर से हनुमान जी की पूजा करनेका विधान है|
 
लाल वस्त्र में मसूर दाल, रक्त चंदन, रक्त पुष्प, मिष्टान एवं द्रव्य लपेट कर नदी में प्रवाहित करने से मंगलका दुष्प्रभाव दूर होता है|